तिविधियों और शिक्षिका फ्लोरा ज्योत्सना लाल की कथित भूमिका को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच की मांग की है।

संगठन की ओर से ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संस्था में धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों, प्रलोभन अथवा दबाव दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं, बल्कि पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कर वास्तविकता सामने लाना है।
ज्ञापन में मांग की गई कि कथित धर्मांतरण मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यकता अनुसार संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को जांच पूरी होने तक पद से अलग रखने या निलंबित करने पर विचार किया जाए। शिकायत में उल्लेखित युवक की भूमिका की भी जांच कर आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

इसके अलावा संस्था के CCTV फुटेज, दस्तावेज, मोबाइल एवं डिजिटल साक्ष्य तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि यदि जांच में जबरन धर्मांतरण, प्रलोभन, दबाव अथवा किसी अन्य अवैध माध्यम के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो लागू कानून के तहत FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।

बजरंग दल विभाग संयोजक सागर पटेल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। संगठन ने प्रशासन से जांच की स्थिति से शिकायतकर्ता पक्ष को अवगत कराने तथा मामले के वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बजरंग दल विभाग संयोजक सागर पटेल, विश्व हिंदू परिषद उपाध्यक्ष सरोज पवार, जिला सह मंत्री निखिल परिहार, विभाग सह संयोजिका प्रिया त्रिवेदी, मातृशक्ति संयोजिका विभा तिवारी, बृजेश सोनी, उत्तम राय, बृजेश पुरी, शिवम साहू, अभिषेक जायसवाल, रवि साहू, कंचन मिश्रा, रामेश्वरी धुर्वे, बबीता सिंह, गरिमा तिवारी, संदीप चौधरी, राजा कश्यप, सरोज चंद्रा, रुक्मणी तिवारी, गर्वदीप साहू, राकेश राठौर, कुंवारे लाल, लखन लाल, महेंद्र सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








