
148 विद्यालयों का पंजीयन, 113 शोध प्रोजेक्ट प्रस्तुत; विज्ञान के क्षेत्र में बालिकाओं की 65 प्रतिशत भागीदारी
अंशु सोनी
पेंड्रा। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CCOST) एवं भारत सरकार की राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (NCSTC) के तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), पेंड्रा में 32वीं जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन संपन्न हुआ। इस वर्ष का मुख्य विषय “सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं नवाचार” रखा गया, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों ने विभिन्न शोध परियोजनाओं के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया।
जिले के 148 विद्यालयों का पंजीयन हुआ, जबकि 113 शोध प्रोजेक्ट की फाइलें प्राप्त हुईं। मूल्यांकन के बाद जूनियर वर्ग के 62 और सीनियर वर्ग के 51 प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए। प्रतियोगिता में बालिकाओं की 65 प्रतिशत सहभागिता रही, जो विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
पांच बाल वैज्ञानिक राज्य स्तर के लिए चयनित
निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के आधार पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए निम्न प्रतिभागियों का चयन किया गया।
जूनियर वर्ग
- विपिन — शासकीय माध्यमिक शाला, बसंतपुर, पेंड्रा
- वंदिता — शासकीय माध्यमिक शाला, सोनबचरवार, पेंड्रा
सीनियर वर्ग
- प्रतीक्षा कुशवाहा — शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकारी पारा
- मिथिलेश कंवर — शासकीय गुरुकुल विद्यालय, पेंड्रा रोड
- चंद्रशेखर — शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नेवसा, गौरेला
अधिकारियों एवं विशेषज्ञों का रहा मार्गदर्शन
कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के निर्देशन तथा प्राचार्य एवं कार्यक्रम समन्वयक बनमाली प्रसाद वासुदेव के समन्वय में हुआ। डाइट पेंड्रा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार तिवारी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकारी पारा की प्राचार्य मोनिका जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
शोध परियोजनाओं का मूल्यांकन सहायक प्राध्यापक ममता चक्रवर्ती, हरजीत सिंह (डॉ. भंवर सिंह पोर्ते कॉलेज, पेंड्रा), टी. पी. चन्द्रा (पं. माधवराव सप्रे कॉलेज, पेंड्रा रोड), आईटीआई गौरेला के प्रशिक्षण अधिकारी टेकलाल पाटले तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टिहारपारा के व्याख्याता गिरीश दत्त शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शक शिक्षक भी उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में हरिशंकर शर्मा, अभिषेक शर्मा, विकास वर्मा, राहुल कोरी एवं सूरज सिंह बिसेंन का विशेष योगदान रहा।
राज्य स्तर के लिए चयनित बाल वैज्ञानिक अब अपनी प्रतिभा और शोध परियोजनाओं के माध्यम से जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।








