मरवाही वनमंडल के गौरेला वन परिक्षेत्र में वन अपराधों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। 26 अप्रैल से सितंबर 2026 तक करीब पांच माह की अवधि में 72 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें अवैध रेत परिवहन, सागौन तस्करी, साल समेत विभिन्न प्रजातियों की लकड़ी से जुड़े मामले शामिल हैं।

वन विभाग के अनुसार दर्ज 72 प्रकरणों में 15 मामले अवैध रेत परिवहन, 28 सागौन तस्करी, 12 साल लकड़ी तथा 17 मामले खैर, आम, सेमल और मिश्रित जलाऊ लकड़ी से संबंधित हैं। कार्रवाई के दौरान कई ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन जब्त किए गए, जबकि बड़ी मात्रा में लकड़ी भी बरामद की गई है।
विभागीय जानकारी के मुताबिक कोरजा, खम्हलीकला और पीपरखूंटी क्षेत्र में सागौन तस्करी से जुड़े कई मामले सामने आए। इन मामलों में बल्ली, लट्ठे और चिरान जब्त किए गए हैं। वहीं एक प्रकरण में 3.448 घनमीटर आम-सेमल लकड़ी जब्त की गई, जो दर्ज मामलों में सबसे बड़ी जब्ती बताई गई है।

बताया गया है कि 35 से अधिक प्रकरणों में जब्त लकड़ी मड़ना डिपो में सुरक्षित रखी गई है, जबकि अन्य मामले जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में हैं। कुछ छोटे प्रकरणों में मुआवजा वसूलकर कार्रवाई भी की गई है।
डीएफओ कुमार निशांत ने कहा कि वन अपराध के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और लंबे समय से सक्रिय संगठित वन अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विभागीय अमले पर लगाए जा रहे लेन-देन के आरोपों को निराधार बताया। डीएफओ के अनुसार, बीते दिनों शासकीय कार्य में बाधा डालने और जब्त ट्रैक्टर छुड़ाकर ले जाने की घटना को लेकर एसपी से शिकायत भी की गई है।









