तीर्थ रक्षा के संकल्प के साथ आदिश्वर पाठशाला पेंड्रा में मनाया गया रक्षाबंधन
पेंड्रा। आदिश्वर पाठशाला पेंड्रा में बच्चों ने रक्षाबंधन पर्व श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक भावनाओं के साथ मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ धर्म, साधु-संतों एवं पवित्र तीर्थों की रक्षा का संकल्प लिया।
जैन धर्म में रक्षाबंधन पर्व का विशेष महत्व है। इसी धार्मिक परंपरा और सात सौ मुनिराजों की रक्षा की स्मृति को ध्यान में रखते हुए बच्चों ने तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी की रक्षा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी का आकर्षक मॉडल तैयार किया गया। बच्चों ने मॉडल को रक्षा सूत्र बांधकर उसकी पवित्रता, मर्यादा एवं गरिमा बनाए रखने का सामूहिक प्रण लिया।
इस दौरान बहन टिनी ने रक्षाबंधन की कहानी सुनाई, वहीं बहन शान्या ने जैन धर्म के इतिहास एवं तीर्थ रक्षा के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के साथ बच्चों ने भावपूर्ण वातावरण में अपने पवित्र तीर्थों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
आदिश्वर पाठशाला के बच्चों का यह प्रयास धर्म, संस्कृति और तीर्थों के प्रति उनकी श्रद्धा एवं जिम्मेदारी की भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बना।









