पेंड्रा में सजी सुरों की महफिल, आशा-लता-किशोर के सदाबहार गीतों ने बांधा समां

जीपीएम संगीत एवं कला संरक्षण मंच का 16वां आयोजन सफल, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और मध्यप्रदेश के कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां

महान गायिका आशा भोसले, स्वर कोकिला स्वर्गीय लता मंगेशकर और सदाबहार पार्श्व गायक स्वर्गीय किशोर कुमार के गीतों से पेंड्रा की शाम संगीतमय हो उठी। जिला संगीत एवं कला संरक्षण मंच जीपीएम के तत्वावधान में शनिवार, 10 अक्टूबर को मल्टीपरपस स्कूल स्थित असेंबली हॉल में ‘आशा, लता, किशोर की यादें’ नाम से संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के स्थानीय कलाकारों के साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से पहुंचे गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर, लोरमी, तखतपुर और कोरबा सहित मध्यप्रदेश के कोतमा से आए कलाकारों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे गायकों की मौजूदगी और उनकी प्रस्तुतियों ने आयोजन को प्रदेश स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का स्वरूप प्रदान किया। सदाबहार हिंदी फिल्मी गीतों की प्रस्तुतियों के बीच श्रोताओं ने संगीत का भरपूर आनंद लिया।

14 महीने में 16 बड़े आयोजन

 

जिला संगीत एवं कला संरक्षण मंच जीपीएम का गठन अगस्त 2025 में जिले के संगीत प्रेमियों ने स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने और लंबे समय से ठप पड़ी सांस्कृतिक गतिविधियों को फिर से गति देने के उद्देश्य से किया था। मंच के अनुसार, गठन के महज 14 महीनों के भीतर सुप्रसिद्ध गायकों एवं गायिकाओं की स्मृतियों में 16 बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

 

इन आयोजनों से जिले के उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। साथ ही, जीपीएम में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है। दूसरे जिलों और पड़ोसी राज्य के कलाकारों की भागीदारी से मंच के आयोजनों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।

 

स्थानीय से लेकर बाहरी कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां

 

कार्यक्रम में मंच के जिलाध्यक्ष निर्माण जायसवाल, उपाध्यक्ष अमित शर्मा, जिले के वरिष्ठ गायक डॉ. योगेश तिवारी, पंकज मिश्रा, जगत राम चौहान, अजीत दुबे, जयदत्त तिवारी, दीपक कश्यप, अब्दुल रशीद खान, समीर खान, जय सोनी, रमेश जायसवाल, बलराम जोशी और भगवान दास रोहिणी सहित अन्य गायकों ने प्रस्तुतियां दीं।

 

बाहरी जिलों से पहुंचे कलाकारों में अंबिकापुर के जागेश्वर प्रसाद, तखतपुर के डॉ. शैलेन्द्र प्रधान, लोरमी के नोहर कोहली तथा कोरबा के गायक नरेश सारथी शामिल रहे।

 

गायिकाओं में रायपुर की प्रमिला गजभिए, बिलासपुर की सोनिया सोनी, मध्यप्रदेश के कोतमा की ममता सिंह और कोरबा की स्नेहलता राजपूत ने अपनी गायकी से समां बांधा। इनके अलावा शैल गुप्ता, सोनिया रोहिणी, इच्छा जायसवाल, मानवी मिश्रा और वंशिका सोनी ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। बाल कलाकारों मोक्ष मिश्रा, नदीम खान और वैष्णवी केवट ने भी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

 

गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी

 

आयोजन में स्वामी कृष्ण प्रपन्नाचार्य, नगर पालिका परिषद पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंकज तिवारी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विष्णु अग्रवाल, जिला कांग्रेस प्रवक्ता ओमप्रकाश बंका, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम वासुदेव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष इकबाल सिंह एवं विवेक जायसवाल, नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वर्तमान पार्षद राजेश सोनी तथा जिला प्रेस क्लब के सचिव शरद अग्रवाल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

महिलाओं में रिंकी विवेक जायसवाल, शालिनी जायसवाल, बानो बेगम, सरला ताम्रकार, मीना साहू और रजिया खान सहित बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।

 

कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्थानीय प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन मिले तो छोटे शहरों में भी संगीत एवं कला की समृद्ध परंपरा को नई पहचान दी जा सकती है। जिला संगीत एवं कला संरक्षण मंच का यह 16वां आयोजन इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रयास रहा।

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