शासकीय राशि के समुचित उपयोग में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के मामले में जिला पंचायत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत परासी, जनपद पंचायत मरवाही के तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत परासी में जिला खनिज न्यास मद से पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत राशि की 40 प्रतिशत पहली किस्त के रूप में 7 लाख 96 हजार रुपये जारी किए गए थे। राशि आहरित किए जाने के बाद भी निर्माण कार्य अपेक्षित स्तर तक पूरा नहीं किया गया।
उप अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मरवाही द्वारा किए गए मूल्यांकन में केवल 1 लाख 86 हजार 436 रुपये के कार्य का सत्यापन किया गया, जबकि शेष राशि के समतुल्य कार्य होना नहीं पाया गया।
मामले में पूर्व सरपंच कुसुमलता मरावी एवं तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी से 3 लाख 4 हजार 782 रुपये की राशि की वसूली किया जाना शेष है। संबंधित सचिव को राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद राशि जमा नहीं की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना तथा कार्य के प्रति उदासीनता और लापरवाही को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम, 1998 के नियम 3(1) के विपरीत माना गया है। इसके बाद पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम, 1999 के तहत कार्रवाई करते हुए ओंकार सिंह मरावी को निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा वे सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। उनके विरुद्ध जारी विभागीय कार्रवाई में सहयोग करना भी अनिवार्य होगा। निलंबन आदेश जिला पंचायत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी किया गया है और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।









