अयोध्या आंदोलन के कारसेवक और अयोध्या चंदा चोरी मामले में मुख्य शिकायतकर्ता बताए जा रहे हिंदू धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे अल्प प्रवास पर पेंड्रा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अयोध्या आंदोलन के दौरान हुए गोलीकांड की अपनी आपबीती साझा की और चंदा चोरी मामले की जांच को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
संतोष दुबे के मुताबिक, अयोध्या में कारसेवा के दौरान उन्हें चार गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह कोमा में चले गए थे। लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने जिंदगी की जंग जीती और आज भी अयोध्या से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं।
पेंड्रा प्रवास के दौरान संतोष दुबे ने अयोध्या में चंदा/चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी बात रखी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए गठित SIT को दस्तावेजी साक्ष्य भेजे गए हैं। उनका कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
उन्होंने अयोध्या आंदोलन के दौरान अपने अनुभवों को भी लोगों के साथ साझा किया। चार गोलियां लगने और कोमा में जाने के बाद भी संघर्ष जारी रखने की उनकी कहानी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
संतोष दुबे का पेंड्रा अल्प प्रवास लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। इस दौरान लोगों ने उनसे मुलाकात की और अयोध्या आंदोलन से जुड़े उनके अनुभवों को सुना।
चंदा चोरी मामले में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच एजेंसी की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।









