10 दोषियों पर फैसले के बाद कांग्रेस बोली—हर पहलू की हो निष्पक्ष जांच
झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में न्यायालय के फैसले के बाद जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही ने जिला प्रेस क्लब भवन में प्रेस वार्ता आयोजित की।

कांग्रेस नेताओं ने न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि 10 आरोपियों का दोषी ठहराया जाना न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन झीरम घाटी कांड से जुड़े कई सवालों के जवाब और घटना का पूरा सच अभी प्रदेश की जनता के सामने आना बाकी है।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुआ हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे गंभीर और दुखद घटनाओं में से एक है। इस हमले में कांग्रेस ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को खोया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायपालिका के फैसले का पूरा सम्मान करती है और दोषी पाए गए लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। साथ ही घटना से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष और संपूर्ण जांच की जानी चाहिए, ताकि कोई सवाल अनुत्तरित न रहे।
मरवाही के पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने कहा कि झीरम घाटी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व को निशाना बनाया गया था। दोषियों का दोषसिद्ध होना महत्वपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था, घटना की परिस्थितियों और कथित बड़ी साजिश से जुड़े सवालों की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका सवाल न्यायालय के फैसले पर नहीं, बल्कि उन पहलुओं पर है जिनकी जांच को लेकर पार्टी लंबे समय से सवाल उठाती रही है। यदि आगे की जांच में किसी अन्य व्यक्ति या स्तर की जिम्मेदारी सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि झीरम घाटी कांड से जुड़े सुरक्षा इंतजाम, घटना की परिस्थितियों, संभावित चूक और कथित व्यापक साजिश समेत सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
प्रेस वार्ता में जिला महामंत्री मूलचंद कुशराम, जिला उपाध्यक्ष बेचूराम अहिरेश, विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी, सरपंच संघ अध्यक्ष लालचंद सोनवानी, राहुल भेना और सोशल मीडिया प्रभारी रियांश सोनी सहित कांग्रेसजन मौजूद रहे। संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ओमप्रकाश बंका ने किया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दोषियों को सजा मिलना न्याय की दिशा में अहम कदम है, लेकिन झीरम घाटी से जुड़े हर सवाल का जवाब और घटना की पूरी सच्चाई सामने आना ही शहीद नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति सच्चा न्याय होगा।









